Home »
Ajab hai kayda duniyaa ye ishak by Dr. Kumar Vishwas

अजब है कायदा दुनिया ए इश्क का मौला,
फूल मुरझाये तब उस पर निखार आता है,
अजीब बात है तबियत ख़राब है जब से, 
मुझ को तुम पे कुछ ज्यादा प्यार आता है …!







         Written by 
                      Dr. kumar Vishwas

Sab Apne dil ke raaja hai by Dr. Kumar Vishwas

सब अपने दिल के राजा हैं सबकी कोई रानी है
कभी प्रकाशित हो न हो पर सबकी एक कहानी है
बहुत सरल है पता लगाना किसने कितना दर्द सहा 
जिसकी जितनी आँख हँसे हैं उतनी पीर पुरानी है.


             Written by 
                 Dr. Kumar Vishwas

Milen har jakhm ko muskan se by Dr. Kumar Vishwas

मिले हर जख़्म को, मुस्कान से सीना नहीं आया 
अमरता चाहते थे, पर गरल पीना नहीं आया 
तुम्हारी और मेरी दास्तां में फ़र्क़ इतना है 
मुझे मरना नहीं आया, तुम्हें जीना नहीं आया





        Written by 
           Dr. Kumar Vishwas

har ek nadiyaan ke hothon par by Dr. Kumar Vishwas

हर इक नदिया के होंठों पर समंदर का तराना है 
यहाँ फरहाद के आगे सदा कोई बहाना है 
वही बातें पुरानी थीं, वही किस्सा पुराना है 
तुम्हारे और मेरे बीच में फिर से ज़माना है 






           Written by
              Dr. Kumar Vishwash

Tumhaare paas hun lekin jo doori hai by Dr. Kumar Vishwas

तुम्हारे पास हूँ लेकिन जो दूरी है, समझता हूँ 
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ
तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन 
तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है, समझता हूँ 






           Written by 
                                    Dr. Kumar Vishwas

Wo jo khud se kam nikalte hain by Dr. Kumar Vishwas

वो जो खुद में से कम निकलतें हैं ,
उनके ज़हनों में बम निकलतें हैं .
आप में कौन-कौन रहता है ?
हम में तो सिर्फ हम निकलते हैं...






                  Written by 
                     Dr. Kumar vishwash

Wo nazare jo kabhi shauk e tamanna the by Dr. Kumar Vishwas

वो नज़ारे जो कभी शौक ए तम्मना थे मुझे,
कर दिए एक नज़र मे ही पराये उस ने ,
रंगे-दुनिया भी बस अब स्याह और सफ़ेद लगे,
मेरी दुनिया से यूँ कुछ रँग चुराए उस ने …..!




         Written by 
                          Dr. Kumar Vishwas